हैदराबाद से हार के बाद रिकी पोंटिंग ने कहा- कोटला की यह पिच सबसे खराब थी

नई दिल्ली. आईपीएल के 16वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्ली कैपिटल्स को पांच विकेट से हरा दिया। इस हार के बाद टीम के कोच रिकी पोंटिंग फिरोजशाह कोटला मैदान की पिच को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि विकेट ने हमें आश्चर्यचकित किया। मैच से पहले ग्राउंड्समैन से बात करने के बाद हमने सोचा था कि पिच अच्छी होगी, लेकिन यह सबसे खराब थी। इसमें बाउंस की कमी थी। यह धीमी भी थी।"

इससे पहले चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी बेंगलुरु के खिलाफ पहले मैच के बाद घरेलू पिच को लेकर नाराजगी जताई थी। धोनी ने कहा था- इसे बेहतर बनाना होगा, नहीं तो हमें भी परेशानी होगी।

दिल्ली से बेहतर प्रदर्शन हैदराबाद के स्पिनरों ने किया
सनराइजर्स के स्पिनर मोहम्मद नबी और राशिद खान ने कुल आठ ओवर किए। दोनों ने मिलकर 36 रन दिए और तीन खिलाड़ियों को पवेलियन भेजा। वहीं, दिल्ली के स्पिनरों अक्षर पटेल, संदीप लमिछने और राहुल तेवतिया ने कुल 11 ओवर किए। इसमें 60 रन देकर तीन विकेट लिए।

पिच ऐसी रही थी टीम कॉम्बिनेशन पर विचार करना होगा : पोंटिंग
पोटिंग ने कहा, "यह पिच उनके खेल के तरीकों के अनुसार ही थी। उनके पास बेहतरीन स्पिन गेंदबाज हैं और उनके तेज गेंदबाजों ने ज्यादातर धीमी गेंदें की। इस पिच पर धीमी गेंदों को खेलना मुश्किल था। अगर यह पिच हमारे बाकि बचे चार घरेलू मैचों में इसी तरह रही तो हमें टीम कॉम्बिनेशन पर विचार करना होगा।"

'रबाडा-इशांत का सही इस्तेमाल नहीं हो पाया'
पोटिंग ने बताया कि पिच के कारण उनके मुख्य तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा और इशांत शर्मा टीम के समीकरण के हिसाब से नहीं खेल पाए। उनका सही इस्तेमाल नहीं हो पाया। यह सनराइजर्स के गेंदबाजों संदीप शर्मा और भुवनेश्वर कुमार के लिए ज्यादा मददगार साबित हुई। दोनों धीमी गति से गेंद फेंकने में माहिर हैं।

पेंटागन और नासा में विरोधाभास
भारत के मिशन शक्ति को लेकर पेंटागन और नासा के बयानों में विरोधाभास है। नासा प्रमुख जिम ब्राइडनस्टाइन अंतरिक्ष में ए-सैट के 400 टुकड़े होने की बात कह रहे हैं। टुकड़ों से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर खतरा बताया गया। वहीं, कार्यवाहक रक्षा मंत्री शैनहन ने कहा था कि मलबा वायुमंडल में प्रवेश करते ही जल जाएगा। पेंटागन के प्रवक्ता चार्ली समर्स ने भी गुरुवार को कहा कि हम शैनहन के बयान का समर्थन करते हैं।

सिक्योर वर्ल्ड फाउंडेशन के मुताबिक- 2007 में चीन ने पोलर ऑर्बिट में एक सैटेलाइट मार गिराया था। इसके 3 हजार टुकड़े हुए। किसी भी सैटेलाइट को नष्ट करने के दौरान बना यह अबतक का सबसे बड़ा मलबा है।

भारत के शीर्ष वैज्ञानिक ने कहा था कि ए-सैट का मलबा 45 दिन में नष्ट हो जाएगा। वहीं अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रवक्ता गैरेट मार्क्विस के मुताबिक- हम भारतीय ए-सैट के मलबे पर लगातार नजर रखे हुए हैं जिससे मानव अंतरिक्ष यान और आईएसएस की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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