बिहार में एक बार फिर बेखौफ अपराधियों ने नीतीश सरकार के सुशासन की धज्जियां उड़ाई और पटना के एक ट्रांसपोर्टर की गोली मारकर हत्या कर दी. पटना के ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवसाय करने वाले ट्रांसपोर्टर दीनानाथ राय का शव NH-19 पर हाजीपुर सर्किट हाउस के ठीक सामने से बरामद हुआ. उनको 2 गोलियां मारी गई थीं. वहीं, हत्या के बाद हाजीपुर सदर अस्पताल में पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. अस्पताल में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर लोगों का जमावड़ा लग गया. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्टर दीनानाथ अपने घर वैशाली जिले के गोरौल सोन्धो से मंगलवार देर शाम पटना ऑफिस के लिए निकले थे, लेकिन देर रात उनका शव NH-19 पर हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने मिला. उधर मामले की पड़ताल करने के बाद पुलिस ने दावा किया कि दीनानाथ की हत्या कहीं और की गई और फिर शव को हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने फेंका गया.
SHO अभय कुमार के मुताबिक दीनानाथ राय ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते थे. वो मंगलवार को अपने घर गोरौल सोन्धो से पटना के लिए निकले थे. उनका शव हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने से बरामद हुआ, लेकिन वंहा पर खून नहीं मिला है. इससे ऐसा लगता है कि दीनानाथ की हत्या कहीं और की गई और शव को बाद में वहां लाकर डाल दिया गया. मृतक के परिजन मुन्ना कुमार का कहना है कि दीनानाथ को दो गोली मारी गई. वो पटना में ट्रांसपोर्टर का काम करते थे.
इससे पहले पटना के मगध हॉस्पिटल के मालिक गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गुंजन खेमका की हाजीपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है, उन पर उनकी फैक्ट्री के बाहर ही हमला किया गया था. बेखौफ बदमाशों ने उनको तीन गोली मारी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. बदमाशों ने गुंजन खेमका के ड्राइवर को भी गोली मारी थी. गुंजन खेमका बिहार प्रदेश के बीजेपी व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी थे.
वैसे इस छंटे हुए बदमाश का ये जुमला अपनी जगह था, क्योंकि इस पर इस क़त्ल से पहले भी जुर्म के तीस से ज़्यादा मामले दर्ज हैं. पांडव नगर पुलिस के मुताबिक 9 नवंबर की रात करीब 1 बजे सिद्धांत नामक बदमाश 24X7 नाम के एक डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर खड़ा था. वो अपनी कार में एक दोस्त के साथ वहां कुछ खाने पहुंचा था. तभी योगेश वहां अपने बीमार भाई के लिए कुछ खरीदने पहुंचा. इसी दौरान पहले दोनों के बीच गाड़ी की पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ और फिर स्टोर के गेट पर दोनों का कंधा एक-दूसरे से टच हो गया. बस इसी बात पर दोनों में विवाद कुछ इतना बढ़ा कि योगेश ने गुस्से में आकर वहीं पड़ी एक रॉड से सिद्धांत की कार का शीशा तोड़ दिया. इससे सिद्धांत इतना गुस्सा हुआ कि उसने योगेश पर पांच गोली चलाई और फ़रार हो गया.
उधर, योगेश के दोस्त उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. उसे दो गोली लगी थी और डॉक्टरों ने उसे मुर्दा करार दे दिया. क़त्ल की इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. पुलिस के मुताबिक 24×7 के बाहर लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज, लोकल नेटवर्क और दूसरे इनपुट के ज़रिए पुलिस को सिद्धांत का पता चल पाया. सिद्धांत ने पुलिस से बचने के लिए अपनी दाढ़ी मुड़वा ली थी और गाड़ी का नंबर प्लेट भी चेंज कर ली थी. लेकिन आख़िरकार वो पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया.
बहरहाल, अब पुलिस ने इस मामले को तो सुलझा लिया है. लेकिन योगेश के घरवालों का ज़ख्म अब कभी नहीं भरेगा. योगेश शादीशुदा था और उसे एक बेटी भी है, जबकि उसकी वाइफ़ प्रेग्नेंट है. ऐसे में महज़ गुस्से ने एक पूरे के पूरे परिवार को तबाह कर दिया.
बताया जा रहा है कि ट्रांसपोर्टर दीनानाथ अपने घर वैशाली जिले के गोरौल सोन्धो से मंगलवार देर शाम पटना ऑफिस के लिए निकले थे, लेकिन देर रात उनका शव NH-19 पर हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने मिला. उधर मामले की पड़ताल करने के बाद पुलिस ने दावा किया कि दीनानाथ की हत्या कहीं और की गई और फिर शव को हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने फेंका गया.
SHO अभय कुमार के मुताबिक दीनानाथ राय ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते थे. वो मंगलवार को अपने घर गोरौल सोन्धो से पटना के लिए निकले थे. उनका शव हाजीपुर सर्किट हाउस के सामने से बरामद हुआ, लेकिन वंहा पर खून नहीं मिला है. इससे ऐसा लगता है कि दीनानाथ की हत्या कहीं और की गई और शव को बाद में वहां लाकर डाल दिया गया. मृतक के परिजन मुन्ना कुमार का कहना है कि दीनानाथ को दो गोली मारी गई. वो पटना में ट्रांसपोर्टर का काम करते थे.
इससे पहले पटना के मगध हॉस्पिटल के मालिक गोपाल खेमका के बेटे गुंजन खेमका की भी हाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. गुंजन खेमका की हाजीपुर के इंडस्ट्रियल एरिया में फैक्ट्री है, उन पर उनकी फैक्ट्री के बाहर ही हमला किया गया था. बेखौफ बदमाशों ने उनको तीन गोली मारी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी. बदमाशों ने गुंजन खेमका के ड्राइवर को भी गोली मारी थी. गुंजन खेमका बिहार प्रदेश के बीजेपी व्यवसायिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी थे.
वैसे इस छंटे हुए बदमाश का ये जुमला अपनी जगह था, क्योंकि इस पर इस क़त्ल से पहले भी जुर्म के तीस से ज़्यादा मामले दर्ज हैं. पांडव नगर पुलिस के मुताबिक 9 नवंबर की रात करीब 1 बजे सिद्धांत नामक बदमाश 24X7 नाम के एक डिपार्टमेंटल स्टोर के बाहर खड़ा था. वो अपनी कार में एक दोस्त के साथ वहां कुछ खाने पहुंचा था. तभी योगेश वहां अपने बीमार भाई के लिए कुछ खरीदने पहुंचा. इसी दौरान पहले दोनों के बीच गाड़ी की पार्किंग को लेकर झगड़ा हुआ और फिर स्टोर के गेट पर दोनों का कंधा एक-दूसरे से टच हो गया. बस इसी बात पर दोनों में विवाद कुछ इतना बढ़ा कि योगेश ने गुस्से में आकर वहीं पड़ी एक रॉड से सिद्धांत की कार का शीशा तोड़ दिया. इससे सिद्धांत इतना गुस्सा हुआ कि उसने योगेश पर पांच गोली चलाई और फ़रार हो गया.
उधर, योगेश के दोस्त उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. उसे दो गोली लगी थी और डॉक्टरों ने उसे मुर्दा करार दे दिया. क़त्ल की इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी. पुलिस के मुताबिक 24×7 के बाहर लगे कैमरों की सीसीटीवी फुटेज, लोकल नेटवर्क और दूसरे इनपुट के ज़रिए पुलिस को सिद्धांत का पता चल पाया. सिद्धांत ने पुलिस से बचने के लिए अपनी दाढ़ी मुड़वा ली थी और गाड़ी का नंबर प्लेट भी चेंज कर ली थी. लेकिन आख़िरकार वो पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया.
बहरहाल, अब पुलिस ने इस मामले को तो सुलझा लिया है. लेकिन योगेश के घरवालों का ज़ख्म अब कभी नहीं भरेगा. योगेश शादीशुदा था और उसे एक बेटी भी है, जबकि उसकी वाइफ़ प्रेग्नेंट है. ऐसे में महज़ गुस्से ने एक पूरे के पूरे परिवार को तबाह कर दिया.
Comments
Post a Comment