छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के लिए 72 विधानसभा सीटों पर वोटिंग की हो रही है. सुबह से ही पोलिंग बूथों पर भारी भीड़ उमड़ रही हैं. लेकिन मतदाताओं के लिए वोट डालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, सुबह से ही खबरें आ रही हैं कि कई जगह पर ईवीएम खराब हो रही हैं.
सबसे पहले राज्य की कवर्धा विधानसभा सीट पर ईवीएम खराब होने की खबर आई. यहां करीब आधे घंटे तक मतदान रुका रहा. खास बात ये है कि जिस पोलिंग बूथ पर ईवीएम में खराबी आई वहां पर ही मुख्यमंत्री रमन सिंह वोट डालते हैं. कवर्धा रमन सिंह का गृहनगर है.
कवर्धा के मतदान केंद्र क्रमांक 232, 236, 239, 242 पर ईवीएम खराब हुई थी. कुछ देर की खराबी के बाद ईवीएम ठीक हुआ और मतदान फिर शुरू हुआ.
सिर्फ कवर्धा ही नहीं कई और विधानसभा सीटों पर भी ईवीएम खराब होने की खबर आई. धमतरी में ईवीएम खराब होने के कारण काफी देर वोटिंग रुकी रही, जबकि सिहावा विधानसभा क्षेत्र में भी कई पोलिंग बूथ पर ईवीएम खराब होने की खबर आई.
कुछ जगह पर एक्सट्रा मशीनों से काम चलाना पड़ रहा है. हालांकि, कुछ ही समय बाद वोटिंग दोबारा शुरू भी हुई. प्रेमनगर विधानसभा के बूथ नंबर 90-91 पर ईवीएम खराब, आधे घंटे की वोटिंग के बाद ईवीएम खराब हुई थी.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ही कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं के नाम ही वोटर लिस्ट से गायब हैं. यहां से राज्य सरकार में मंत्री अमर अग्रवाल विधायक हैं. वोटर लिस्ट में नाम ना होने से लोगों में काफी रोष है.
गौरतलब है कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ की 72 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. इस चरण में अजीत जोगी, युद्धवीर सिंह जूदेव, रेणु जोगी, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव, 9 मंत्रियों समेत 1079 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है.
मंगलवार को दूसरे चरण के लिए 19 जिलों की 72 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी सीटों पर मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक है.
मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकता का दम दिखाने के लिए 22 नवंबर को होने वाली बैठक टल गई है. अब यह बैठक जनवरी में होगी. विपक्षी एकता की कमान संभालने वाले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज शाम पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा कि हम लोगों ने निर्णय लिया है कि अब ये बैठक जनवरी को दिल्ली में होगी. हालांकि उन्होंने तारीख का खुलासा नहीं किया.
मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर रहे ये दोनों नेता 2019 के लिए पिछले काफी समय से 'फील्डिंग' सजा रहे हैं. दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद मीडिया को भी संबोधित किया.
नायडू ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, आरबीआई और कैग जैसी संस्थाएं काफी दबाव में हैं. गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने - अपने राज्यों में मामलों की जांच करने और छापे मारने के लिए सीबीआई को दी गई मंजूरी शुक्रवार को वापस ले ली थी.
नायडू ने कहा कि हम चुनावों के चलते पहले 22 नवंबर को बैठक करना चाहते थे. हम शीतकालीन सत्र से पहले इसे करना चाहते हैं.
नायडू ने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं. अब इन संस्थाओं को बचाने की जिम्मेदारी हम लोगों की है. हमें देश बचाना है. इस समय लोकतंत्र खतरे में है. हमें एकजुट रहना होगा. उन्होंने कहा कि हम मोदी से सीनियर हैं और उनसे बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं. हम लोग अरविंद केजरीवाल से भी मिल चुके हैं. हम लोग महागठबंधन का चेहरा है.
सबसे पहले राज्य की कवर्धा विधानसभा सीट पर ईवीएम खराब होने की खबर आई. यहां करीब आधे घंटे तक मतदान रुका रहा. खास बात ये है कि जिस पोलिंग बूथ पर ईवीएम में खराबी आई वहां पर ही मुख्यमंत्री रमन सिंह वोट डालते हैं. कवर्धा रमन सिंह का गृहनगर है.
कवर्धा के मतदान केंद्र क्रमांक 232, 236, 239, 242 पर ईवीएम खराब हुई थी. कुछ देर की खराबी के बाद ईवीएम ठीक हुआ और मतदान फिर शुरू हुआ.
सिर्फ कवर्धा ही नहीं कई और विधानसभा सीटों पर भी ईवीएम खराब होने की खबर आई. धमतरी में ईवीएम खराब होने के कारण काफी देर वोटिंग रुकी रही, जबकि सिहावा विधानसभा क्षेत्र में भी कई पोलिंग बूथ पर ईवीएम खराब होने की खबर आई.
कुछ जगह पर एक्सट्रा मशीनों से काम चलाना पड़ रहा है. हालांकि, कुछ ही समय बाद वोटिंग दोबारा शुरू भी हुई. प्रेमनगर विधानसभा के बूथ नंबर 90-91 पर ईवीएम खराब, आधे घंटे की वोटिंग के बाद ईवीएम खराब हुई थी.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ही कई पोलिंग बूथों पर मतदाताओं के नाम ही वोटर लिस्ट से गायब हैं. यहां से राज्य सरकार में मंत्री अमर अग्रवाल विधायक हैं. वोटर लिस्ट में नाम ना होने से लोगों में काफी रोष है.
गौरतलब है कि मंगलवार को छत्तीसगढ़ की 72 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. इस चरण में अजीत जोगी, युद्धवीर सिंह जूदेव, रेणु जोगी, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंह देव, 9 मंत्रियों समेत 1079 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है.
मंगलवार को दूसरे चरण के लिए 19 जिलों की 72 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सभी सीटों पर मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक है.
मोदी सरकार के खिलाफ विपक्षी एकता का दम दिखाने के लिए 22 नवंबर को होने वाली बैठक टल गई है. अब यह बैठक जनवरी में होगी. विपक्षी एकता की कमान संभालने वाले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आज शाम पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा कि हम लोगों ने निर्णय लिया है कि अब ये बैठक जनवरी को दिल्ली में होगी. हालांकि उन्होंने तारीख का खुलासा नहीं किया.
मोदी सरकार के खिलाफ सबसे मुखर रहे ये दोनों नेता 2019 के लिए पिछले काफी समय से 'फील्डिंग' सजा रहे हैं. दोनों नेताओं ने मुलाकात के बाद मीडिया को भी संबोधित किया.
नायडू ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, आरबीआई और कैग जैसी संस्थाएं काफी दबाव में हैं. गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने - अपने राज्यों में मामलों की जांच करने और छापे मारने के लिए सीबीआई को दी गई मंजूरी शुक्रवार को वापस ले ली थी.
नायडू ने कहा कि हम चुनावों के चलते पहले 22 नवंबर को बैठक करना चाहते थे. हम शीतकालीन सत्र से पहले इसे करना चाहते हैं.
नायडू ने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं. अब इन संस्थाओं को बचाने की जिम्मेदारी हम लोगों की है. हमें देश बचाना है. इस समय लोकतंत्र खतरे में है. हमें एकजुट रहना होगा. उन्होंने कहा कि हम मोदी से सीनियर हैं और उनसे बेहतर परफॉर्म कर सकते हैं. हम लोग अरविंद केजरीवाल से भी मिल चुके हैं. हम लोग महागठबंधन का चेहरा है.
Comments
Post a Comment